वायु प्रदूषण और इससे होने वाली बीमारी |

महामारी है वायु प्रदूषण | 


वायु प्रदूषण सबसे बड़े संकट के रूप में सामने आ रहा है | पूरी दुनिया में समय पूर्व होने वाली एक चौथाई मौतों के लिए प्रदूषण से पर्यावरण को होने वाला नुकसान जिम्मेदार है | खाद्य पदार्थ, पानी और हवा इस कदर दूषित हो रहे है कि आने वाली पीढ़ी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है |

वायु प्रदूषण और इससे होने वाली बीमारी |

   दुनिया भर में सड़क हादसों, मलेरिया, नशा और शारीरिक निष्क्रियता की तुलना में वायु प्रदूषण के कारण सबसे अधिक मौतें हो रही हैं | यह बात हाल में जारी एक रिपोर्ट में सामने आई है | अमेरिका के हेल्थ इंफेक्ट इंस्टीट्यूट की वायु प्रदूषण पर वैश्विक रिपोर्ट स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2019 में भारत में बढ़ते वायु प्रदूषण के बारे में चेताया है | इस रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण की वजह से 2017 में स्ट्रोक, मधुमेह, फेफड़े के कैंसर, अस्थमा आदि से पूरी दुनिया में करीब 50 लाख लोगों की मृत्यु हुई है |


   इसमें सीधे तौर पर पीएम 2.5 प्रमुख कारण है जिसके कारण भारत में करीब 12 लाख लोगों की मौत हो गई | आज वायु प्रदूषण देश में तीसरा सबसे बड़ा हेल्थ रिस्क है | स्वास्थ्य के लिहाज से अब टाइप टू डायबिटीज को भी एयर पोल्युशन के बड़े रिस्क में शामिल किया गया है |

   इस वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण है - 

घरों में इस्तेमाल होने वाले ठोस ईंधन, कंस्ट्रक्शन से उड़ने वाले डस्ट, कोयले के प्लांट, पेट्रोल और डीजल वाहन, आदि | इस रिपोर्ट में भारत के संदर्भ में बताया गया है कि स्वास्थ्य सम्बन्धी खतरों से होने वाली मौतों का तीसरा सबसे बड़ा कारण वायु प्रदूषण और इसके बाद धूम्रपान है | इस रिपोर्ट का डरावना पहलू यह है कि इसमें बताया गया है कि वायु प्रदूषण की वजह से वैश्विक जीवन प्रत्याशा में करीब डेढ़ वर्ष की कमी आ जाएगी |

वायु प्रदूषण और इससे होने वाली बीमारी |

   इस रिपोर्ट से पहले भी कई रिपोर्ट्स में वायु प्रदूषण की गम्भीर समस्या पर ध्यान आकर्षित किया गया है | लेकिन इसके निस्तारण की तरह कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है | एक ओर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 के दौरान प्रदूषित वायु के कारण देश में पांच साल तक की उम्र के एक लाख दस हजार बच्चों की मृत्यु हुई | वहीं प्रदूषण से भारत में 20 लाख लोगों की असमय मौत हो जाती है जो पूरी दुनिया में प्रदूषण से होने वाली मौतों का एक चौथाई हैं |


   प्रदूषण की गंभीर समस्या का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश में हर 10 वां व्यक्ति अस्थमा का शिकार है, गर्भ में पल रहे भ्रूण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और कैंसर के मरीजों की तादाद दिनोदिन बढ़ रही हैं | बच्चो से लेकर बुड्ढों तक में त्वचा, श्वांस, लीवर, फेफड़ों, हृदय, आँख, गला, रक्तचाप, किडनी आदि की अनेक बीमारियां पैदा हो रही है | आखिर इस दमघोंटू वातावरण के लिए जिम्मेदार तो लोग ही है गंभीरता से समझना होगा कि प्रदूषण एक साइलेंट किलर है | वायु में घुलते कार्बन डाइऑक्सइड, कार्बन मोनोऑक्सइड, ओजोन , सल्फर डाइऑक्सइड, नाइट्रोजन डाइऑक्सइड आदि धीरे-धीरे मौत के गर्त में ले जाते है |

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