ई-सिगरेट, जानलेवा बिमारियों में से एक |

क्या है ? ई-सिगरेट और इसका सच !


दुनिया भर में ई-सिगरेट का चलन तेजी से बढ़ा है | खास तौर पर युवा वर्ग तेजी से इसकी तरफ खिंच रहा है | ई-सिगरेट में खुसबूदार द्रव का इस्तेमाल होता है, जिसमें कई बार निकोटीन भी होता है | इससे पैदा होने वाली भाप लगभग पारम्परिक सिगरेट की तरह ही नशा देती है |

ई-सिगरेट, जानलेवा बिमारियों में से एक |

जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से की गई रिसर्च में कहा गया है कि इसके भाप में फॉर्मलडिहाइड और एसिटलडीहाइड जैसे कार्सिनोजेन तत्व पाए गए हैं | फॉर्मलडिहाइड का इस्तेमाल इमारतों के निर्माण में होता है और ई-सिगरेट में इसकी मात्रा साधारण सिगरेट के मुकाबले ज्यादा पाई गई |


      रिसर्चर का कहना है कि "एक खास ब्रांड की ई-सिगरेट में कार्सिंनोजेन की मात्रा साधारण सिगरेट के मुकाबले 10 गुना ज्यादा होती है | खास तौर पर तब, जब धुआं खींचने वाला पाइप जरुरत से ज्यादा गर्म हो जाता है |"

ई-सिगरेट से बचाव -


    अगस्त में विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने सरकारों से कहा था कि उन्हें गैर वयस्कों को ई-सिगरेट की बिक्री बंद कर देनी चाहिए | संगठन का कहना था कि इससे अजन्में बच्चों और युवाओं को भारी खतरा है | WHO का दावा है इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और प्रजनन क्षमता वाली महिलाओं को भारी खतरा हो सकता है | संस्था का कहना है कि ई-सिगरेट के इनडोर प्रयोग को भी बंद कर देना चाहिए |

ई-सिगरेट, जानलेवा बिमारियों में से एक |


      अमेरिका के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने वाले युवाओं की संख्या तीन गुनी बढ़ी है | सरकार ने एम्स, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, राजीव गाँधी कैंसर अस्पताल और कई अन्य संगठनों की रिपोर्ट के आधार पर इसे बंद करने का निर्णय लिया |


      भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् ने मई में इस पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी | इसमें तमाम दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई | यह भी बताया कि ई-सिगरेट को लेकर युवाओं में भ्रम है कि इसका दुष्प्रभाव नहीं होता है | ई-सिगेरट को इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलेवरी सिस्टम्स कहा जाता है | अभी भारत में इसका विनिर्माण नहीं होता है |


     भारत की बड़ी कंपनियां भी आयात कर इसकी बिक्री कर रही हैं | वहीं भारत दूसरा सबसे बड़ा तम्बाकू उपभोक्ता और तीसरा उत्पादक है | देश में 9 लाख लोग हर साल तम्बाकू उत्पादों के सेवन से जान गंवाते हैं | 27 करोड़ लोग तम्बाकू खाते हैं | ऐसे में सभी तम्बाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए |



➤ इन्हें भी पढ़ें :- 


7.सोयाबीन के फायदे |
8.ब्राह्मी के फायदे |
10.दूध का इस्तेमाल |
11.खिलाडियों से सम्बन्धित टिप्स | part-4
12.गुरुमंत्र- क्या होता है गुरुमंत्र ?
13.Neem: Benefits and uses.
14.मिर्च की खेती खुशहाली की राह 
15. बगीचे का ख्याल कैसे रखें
16.प्लास्टिक खा और पी रहें हैं आप लोग ! देखिए कैसे ?
17.डेंगू मच्छर से होने वाली बीमारी एवं लक्ष

Post a Comment

0 Comments