120 साल स्वस्थ जीवन जीने का हुंजाई/बेहतरीन तरीका |

120 साल स्वस्थ जीवन जीने का हुंजाई/बेहतरीन तरीका -


गिलगित-बाल्टिस्तान की खूबसूरत वादियों में भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा के पास पीओके में स्थित है हुंजा घाटी | यह गिलगित से उत्तर में नगर वादी के समीप रेशम मार्ग पर स्थित है | इसमें कई छोटी-छोटी बस्तियां बसी हैं जहां से हुंजा नदी गुजरती है | घाटी में हुंजा प्रजाति के लोगों की संख्या लगभग 89 हजार के पार है | यहां के लोग आमतौर पर १२० साल या इससे भी ज्यादा जिन्दा रहते हैं |

120 साल स्वस्थ जीवन जीने का हुंजाई/बेहतरीन तरीका |

 हुंजा महिलाएं 65 साल की उम्र तक गर्भ धारण कर सकती हैं | खान-पान व प्राकृतिक दैनिक चर्या के कारण हुंजा महिलाओं को पूरी दुनिया में बेहद खूबसूरत माना जाता है | हुंजा महिलाएँ पहाड़ों पर रोज 15 किलोमीटर तक पैदल चलती है | आधुनिक समय में दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी दिल की बीमारी, मोटापा, ब्लड प्रेशर, कैंसर जैसी दूसरी बीमारियों का हुंजा जनजाति के लोगों ने नाम तक नहीं सुना है |


  हुंजा की सेहत का राज इनका खान-पान है | यहाँ के लोग पहाड़ों की साफ़ हवा और स्थानीय शुद्ध पानी से अपना जीवन व्यतीत करते हैं | ये खूब पैदल चलते हैं और कुछ महीनों तक केवल खूबानी ही खाते हैं जो ये उगाते हैं | स्थानीय भौगोलिक पर्यावरण में पैदा हुए फल-सब्जी आदि खाना ही इनकी लम्बी उम्र का राज है | खूबानी के अलावा मेवे, सब्जियाँ और अनाज में जौ, बाजरा, कूटू ही इन लोगों का मुख्य आहार है | इनमें फाइबर और प्रोटीन के साथ शरीर के लिए जरुरी सभी मिनरल्स होते हैं | ये अखरोट का खूब इस्तेमाल करते हैं |

120 साल स्वस्थ जीवन जीने का हुंजाई/बेहतरीन तरीका |

  हुंजा में नमकीन चाय का रिवाज है | खूबसूरत चमकते चेहरे के पीछे का राज यहाँ की विशेष नमकीन चाय को भी मानते हैं | अपने आहार में 40% प्रतिशत अनप्रोस्टेड साबुत अनाज को शामिल करते हैं | गेहूँ, दाल और अनाज जैसे साबुत अनाज खाते हैं | चीनी की बजाय ये अपने भोजन में एक मीठे के रूप में शहद का ही उपयोग करते हैं | ताजे फल, खूबानी, अंजीर और अंगूर इनके आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं | ये फल उनकी त्वचा, बाल, मसूड़ों और आँखों को स्वस्थ बनाए रखते है | आमतौर पर बकरी का दूध और इसके उत्पाद पनीर-दही का ही इस्तेमाल करते हैं |


दुनिया भर के डॉक्टरों ने भी ये माना है कि इनकी जीवनशैली ही इनकी लम्बी आयु का राज है | ये लोग सुबह जल्दी उठते हैं और बहुत पैदल चलते हैं | भूख लगे तो अखरोट, अंजीर, खूबानी खाइये | प्यास लगे तो नदी का पानी पी लीजिये | हलकी-फुलकी बीमारी हो तो वहीं आसपास लगी जड़ी बूटियों से ही इलाज कीजिए | अपने पारम्परिक संगीत व भाषा के प्रति के लोग काफी जागरूक हैं | कई सुरीली-मीठी आवाजें हुंजा में मिल जाएगी | हाँ यही है 120 साल का स्वस्थ जीवन गुजारने का हुंजाई तरीका |

120 साल स्वस्थ जीवन जीने का हुंजाई/बेहतरीन तरीका |

   आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ शहरों में रहने वाले लोगों की दवाओं की खुराक बढ़ने लगती है | लेकिन पीओके की हुंजा घाटी ऐसी जगह है, जहाँ के लोगों को यह पता ही नहीं, कि दवा आखिर होती क्या है ? शुद्ध वातावरण में खुश रहने से उम्र लम्बी होती है | गिलगित-बाल्टिस्तान में हुंजा घाटी की कहानी कुछ इसी तरह की बात कहती है | पाकिस्तान की बेरुखी के कारण यह इलाका विकास से काफी अछूता है | हुंजा जिले में पाकिस्तान के खिलाफ और भारत के पक्ष में आवाजें कई वर्षों से आ रही हैं गिलगित-बाल्टिस्तान का यह खूबसूरत हिस्सा भारत के पक्ष में खड़ा है |

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