इंटरनेट घातक भी है | देखिये कैसे ?

इंटरनेट घातक भी है | देखिये कैसे ?


माना कि आज मोबाइल इंटरनेट से हमारा हर काम बहुत तेजी से हो रहा है | इंटरनेट ने इंसान के सभी कार्य आसान कर दिये हैं | यानि पहले की तुलना में हमारा काम बहुत कम समय में और बहुत तेजी से हो रहा है | पर देखा जाये तो हमे इंटरनेट से बहुत नुकसान भी हो रहा है |

इंटरनेट घातक भी है | देखिये कैसे ?

   इससे मनुष्य ही आलसी प्रवृत्ति का बनता जा रहा है | पहले बच्चे बाहर जाकर खेलकूद करते थे, पर अब जिसे देखो वह इंटरनेट पर ऑनलाइन गेम खेलता है, और इस कारण कई छोटे-छोटे बच्चों को शारीरिक और मानसिक व्याधियां जकड़ रहीं हैं | कच्ची उम्र में ही चश्मे लगते जा रहे हैं देखा जाये तो आज का मनुष्य एक तरह से वर्चुअल दुनिया में घुसता जा रहा है |


   पहले लोग अपने दोस्तों से मिलने उनके घर जाते थे मगर अब दोस्तों से फेसबुक, वाट्सप पर ऑनलाइन बात करते है | पर यह दौर सही नहीं है | इंटरनेट एक वर्चुअल दुनिया की तरह है और हम एक रियल दुनिया में रहते हैं | इंटरनेट की लत एक ऐसी लत है, जिसमें जो पड़ जाये उससे निकल पाना बेहद ही मुश्किल होता है और जिस तरह से सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है, उसमें फस कर हम यथार्थ दुनिया से अलग होते जा रहे हैं |

इंटरनेट घातक भी है | देखिये कैसे ?

    नेट से लोगो के बीच की दूरिया कम हुई है, मतलब आज हम दुनिया के किसी भी इंसान से पल भर में आमने-सामने बात कर सकते हैं, पर हिसाब से लोगों की जितनी दूरिया कम हुई है, वास्तव में उतनी अधिक दूरिया बढ़ीं है | आज से कुछ साल लोग मैनुअल वर्क करते थे, मतलब कुछ भी हिसाब-किताब लगाना या किसी तरह की जोड़ बाकी करना सब मैनुअल वर्क ही करते थे और इससे इंसान का दिमाग अच्छा चलता था | पर जब से इंटरनेट ने लोगों के काम के में एंट्री करी है, तब से हमने कृत्रिम जीना शुरू कर दिया है | तो इससे हमारा बहुत नुकसान ही हुआ है |


   यदि आप इंटरनेट से दूर बने रहने पर तनाव महसूस करते हैं या ऑनलाइन न रह पाने की सूरत में अपना ब्लड प्रेशर बढ़ता हुआ लगता है तो यकीन जानिए कि आपको एक खास दिमागी बीमारी घेर रही है जिसे दुनिया भर में डिस्कोमगुगोलेशन के नाम से जाना जाता है | विदेशों में चर्चित इस बीमारी का असर अपने देश में भी पांव पसार रहा है और कश्मीर से कन्याकुमारी तक ऐसी शिकायतें लगातार मिल रही हैं कि आजकल नेट यूजर टीनएजर्स में मानसिक तनाव आत्महत्या कर लेने की हद तक बढ़ रहा है |

इंटरनेट घातक भी है | देखिये कैसे ?

   इसमें इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल ही उन्हें आत्मघात करने के लिए उकसाने वाले बुरे साथी की भूमिका भी निभा रहा है | इसलिए चौकस रहें और इंटरनेट को अपने लिए जानलेवा लत तो कतई न बनने दें | नेट आपकी कमजोरी न बने और इसका इस्तेमाल अन्य रचनात्मक कार्यो की जगह न बना ले, इस पर ध्यान देना जरुरी है | लिहाजा, इंटरनेट की गणित इस्तेमाल करने के सम्बन्ध में कुछ स्वनिर्धारित नियम काम में लाए जा सकते हैं |

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